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फ्रेंचाइजी लेने की पूरी प्रक्रिया क्या है: सही ब्रांड चुनने से बिज़नेस शुरू करने तक का सफर

अगर आप अपना खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन शुरुआत कहाँ से करें यह समझ नहीं आ रहा है , तो फ्रेंचाइज़ी बिज़नेस आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। इसमें आपको पहले से स्थापित ब्रांड का नाम , सिस्टम और सपोर्ट मिलता है। आज भारत में कई लोग छोटे निवेश से बड़े ब्रांड की फ्रेंचाइज़ी लेकर सफल बिज़नेस खड़ा कर रहे हैं। सही जानकारी और सही योजना के साथ आप भी एक सफल फ्रेंचाइज़ी ओनर बन सकते हैं। लेकिन सवाल यह है कि फ्रेंचाइज़ी खरीदी कैसे जाती है ? इसकी प्रक्रिया क्या होती है , कितना निवेश लगता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? आइए इसे आसान तरीके से समझते हैं। प्रस्तावना फ्रेंचाइज़ी बिज़नेस मॉडल आज के समय में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें किसी बड़ी और स्थापित कंपनी का ब्रांड नाम , प्रोडक्ट और बिज़नेस मॉडल का आप उपभोग करके आप अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको बिज़नेस शुरू करने के लिए सब कुछ शून्य से तैयार नहीं करना पड़ता। कंपनी आपको ट्रेनिंग , मार्केटिंग सपोर्ट और ऑपरेशन की पूरी जानकारी देती है। खास बात यह है कि छोटे शहरों में भी...
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कैसे PhonePe बना भारत का सबसे भरोसेमंद डिजिटल पेमेंट ऐप? पढ़िए सफलता की अनोखी कहानी ।

भारत में जब लोग कैश पर भरोसा करते थे , तब एक युवा ने डिजिटल पेमेंट के भविष्य पर विश्वास किया। सुरक्षित नौकरी छोड़कर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया , जिसने करोड़ों लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया आज हम बात करने जा रहे हैं फोन-पे   के संस्थापक समीर निगम की । यह सिर्फ एक स्टार्टअप की कहानी नहीं , बल्कि हिम्मत , दूरदृष्टि और सही समय पर लिए गए फैसले की कहानी है। PhonePe आज जिस ऊँचाई पर है , उसके पीछे है एक सपने को सच करने का जुनून फोन-पे की शुरुआत कैसे हुई भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया तेजी से बदल रही थी , लेकिन कुछ साल पहले तक ज्यादातर लोग नकद लेन-देन पर ही निर्भर थे। ऐसे समय में समीर निगम ने यह समझ लिया था कि आने वाला दौर डिजिटल ट्रांजैक्शन का होगा। उन्होंने इस बदलाव को सिर्फ एक ट्रेंड नहीं , बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में देखा। 2015  में   Sameer Nigam   ने राहुल चारी और बुज़र्जिन इंजीनियर के साथ मिलकर   PhonePe   की शुरुआत की। इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित ,  सरल और भरोसेमंद वित्तीय समाधान उपलब्ध कराना था। इससे पहले इन तीनों ने...

सोशल मीडिया की ताकत ने कैसे Meesho को बना दिया डिजिटल बिज़नेस का लीडर, पढ़िए रोचक कहानी

क्या आप सोच सकते हैं कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म , जिसने छोटे-छोटे होम बिज़नेस को मोबाइल से जोड़कर लाखों लोगों को उद्यमी बना दिया ?  क्या आप सोच सकते हैं कि एक साधारण-सा मोबाइल फोन लाखों लोगों के लिए कमाई का जरिया बन सकता है ? जहां पहले घर की चार दीवारों तक सीमित हुनर था , वहीं आज वही हुनर पूरे देश में ग्राहकों तक पहुंच रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जिसने बिना दुकान , बिना स्टॉक और बिना बड़े निवेश के लोगों को उद्यमी बना दिया आज हम करने वाले हैं  Meesho की असाधारण सफलता के बारे में । साल 2015 में जब Meesho ने अपने सफर की शुरुआत की , उस समय Amazon को भारत में आए सिर्फ दो साल हुए थे। वहीं Flipkart पहले से ही लंबे समय से बाजार में सक्रिय थी। हालांकि , इन दोनों कंपनियों का मुख्य ध्यान इंटरनेट का उपयोग करने वाली शहरी आबादी पर केंद्रित था। यहीं पर Meesho को एक बड़ा अवसर दिखाई दिया। कंपनी ने समझा कि छोटे शहरों और कस्बों (टियर- 2 और टियर- 3) की बड़ी आबादी सोशल मीडिया तो उपयोग कर रही है , लेकिन ऑनलाइन खरीदारी को लेकर अभी भी झिझक महसूस करती है। बस इसी अंतर को पहचानते हुए Meesho ने सोशल म...